प्रयागराज , सितंबर 03 -- पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज की धूमनगंज थाना पुलिस ने शादियों में फोटोग्राफी करने वाले युवक की हत्या का खुलासा करते हुए उसके दोस्त समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार उधार के रुपये लौटाने से बचने और मृतक की कुछ टिप्पणियों से परेशान होकर आलोक गुप्ता (27) की उसके दोस्त शुभम तिवारी ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों ने शव को नीले रंग के बैग में रखकर मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में सेल्फी प्वाइंट के पास ठिकाने लगा दिया था। सोशल मीडिया पर सोहागी थाना क्षेत्र में नीले रंग के बैग में अज्ञात शव मिलने की सूचना और मृतक के फ्लैट के सीसीटीवी फुटेज में तीन लोगों को नीले रंग का बैग ले जाते देखे जाने के बाद पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच कड़ियां जोड़ते हुए हत्यारोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस टीम ने शुभम तिवारी, शुभम यादव और अंकुश यादव को सूबेदारगंज फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक ब्लूटूथ डिवाइस और घटना में प्रयुक्त कार बरामद की गई। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. अजय पाल शर्मा ने आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि आलोक गुप्ता धूमनगंज थाना क्षेत्र के हरवारा स्थित अंबर अपार्टमेंट में किराए पर रहता था। वह बिना किसी को सूचना दिए लापता हो गया था। उसकी मां रेखा देवी ने 22 अगस्त को धूमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में सेल्फी प्वाइंट के पास नीले रंग का एक बैग मिला है, जिसमें अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ है। मृतक के भाई अनुराग गुप्ता ने सोहागी पहुंचकर फोटोग्राफ, कपड़े और बैग के आधार पर शव की पहचान अपने लापता भाई आलोक गुप्ता के रूप में की।

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