पटना , जुलाई 29 -- रिवहन विभाग ने डिजिटल क्रांति के तहत अपनी प्रमुख सेवाओं को पूर्ण रूप से ऑनलाइन और फेसलेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में विभाग की 50 परिवहन सेवाएं (लाइसेंस, परमिट और पंजीकरण) पूरी तरह फेसलेस हैं।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, विगत छह माह में 9.49 लाख रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), 51 हजार परमिट, 4.94 लाख लर्निंग लाइसेंस और 3.72 लाख ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) सफलतापूर्वक निर्गत किए गए है।

विभाग ने जनसुविधा केंद्रों के साथ भी समझौता किया है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इन सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इस पहल से आम नागरिकों बार-बार कार्यालय चक्कर लगाने को लंबी कतारों की परेशानी से मुक्ति मिल गई है।

परिवहन सचिव ने राज कुमार ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि हर नागरिक को परिवहन सेवाएं बिना किसी परेशानी के प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 50 फेसलेस सेवाओं की मदद से यह प्रक्रिया न केवल तेज बल्कि पूरी तरह पारदर्शी भी हुई है। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक परिवहन संबंधी सेवाएं आसानी से मिल रही है। आने वाले समय में और नागरिक-केंद्रित सेवओं को इसमें जोड़ा जाएगा।

परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर और सारथी 4.0 सॉफ्टवेयर की सेवाएं 24x7 उपलब्ध हैं। इनमें एलएल, डीएल, कमर्शियल लाइसेंस का नवीनीकरण, नाम, पता, फोटो, हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक्स अपडेट, वाहन स्वामित्व हस्तांतरण और परमिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनसे पैसे की बचत के साथ बिचौलियों पर भी अंकुश लगाया जा रहा है।

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