बेंगलुरु , जनवरी 21 -- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को कॉफी हाउस चेन कैफे कॉफी डे (सीसीडी) को अंतरिम राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय को उसके (सीसीडी) के प्रतिनिधियों की व्यक्तिगत पेशी को टालने का निर्देश दिया ।
न्यायालय ने सीसीडी को यह रात राहत विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा ) के तहत शुरू की गई कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद दी। गौरतलब है कि 2022 में ईडी ने सीसीडी के खिलाफ फेमा को लेकर माला दर्ज किया था। न्यायमूर्ति बीएम श्याम प्रसाद ने ईडी को 30 जनवरी को सीसीडी प्रतिनिधियों की पेशी को टालने निर्देश दिया और आदेश दिया कि जब तक न्यायालय 23 फरवरी को सीसीडी की याचिका पर सुनवाई नहीं करता, तब तक इस पेशी को टाल दिया जाए।
न्यायालय ने कहा, "अंतरिम आदेश दिया जाता है जिसमें प्रतिवादी दो (ईडी के विशेष अधिकारी/फेमा के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण) को 30 जनवरी को होने वाली पेशी को टालने और अगली सुनवाई की तारीख तक और उस तारीख को इस अदालत के अगले आदेशों के अधीन रहने दिया जाए।"उल्लेखनीय है कि न्यायालय ने 19 जनवरी को सीसीडी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मालविका हेगड़े को भी इसी तरह की अंतरिम राहत दी थी और उनकी याचिका पर सुनवाई होने तक उनके खिलाफ फेमा की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। दोनों मामलों पर आगे की सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
सीसीडी और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ फेमा की कार्रवाई 2010 में कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल ) द्वारा प्राप्त प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से संबंधित है। ईडी ने आरोप लगाया है कि इन राशि का इस्तेमाल फेमा और संबंधित नियमों का उल्लंघन करते हुए भारतीय कंपनियों में शेयर खरीदने के लिए किया गया था।
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