नयी दिल्ली , अप्रैल 06 -- हवाई अड्डों पर उपयोग किये जाने वाले फुल बॉडी स्कैनर और अन्य सुरक्षा स्क्रीनिंग उपकरणों के परीक्षण, उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन और प्रमाणन के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) में एक समर्पित परीक्षण केंद्र की स्थापना की जायेगी।
इसके लिए नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने सोमवार को आरआरयू के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राम मोहन नायडू, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा; बीसीएएस के महानिदेशक राजेश निरवान तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिमल पटेल मौजूद थे।इस साझेदारी का उद्देश्य एक विश्वसनीय, स्वतंत्र और वैज्ञानिक रूप से कठोर मूल्यांकन तथा नियामक समर्थन प्रणाली के माध्यम से भारत के विमानन सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है। इसके तहत बीसीएएस के सहयोग से और उसके द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप आरआरयू फुल बॉडी स्कैनर और अन्य विमानन सुरक्षा उपकरणों के परीक्षण के लिए एक समर्पित परीक्षण केंद्र स्थापित और संचालित करेगा।
यह केंद्र मूल उपकरण निर्माताओं द्वारा उपलब्ध कराये गये उपकरणों के विनिर्देशों और प्रदर्शन का स्वतंत्र मूल्यांकन, सत्यापन और प्रमाणन करेगा। वहीं, विनियामक विचार के लिए निष्पक्ष और वैज्ञानिक रूप से मजबूत आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इस समझौते में आरआरयू में वैश्विक मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना का भी प्रावधान है, जहां उपकरणों के प्रदर्शन, सुरक्षा और अंतरसंचालन क्षमता का कठोर मूल्यांकन किया जायेगा। इससे एक संस्थागत मान्यता ढांचा विकसित करने में सहायता मिलेगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल निर्धारित तकनीकी और परिचालन मानकों को पूरा करने वाले उपकरण ही महत्वपूर्ण विमानन सुरक्षा वातावरण में उपयोग के लिए स्वीकृत हों।
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