मुंबई , सितंबर 17 -- भारतीय राष्ट्रीय टीम की फुटबॉल खिलाड़ी डलिमा छिब्बर 'नोवा स्पोर्ट्स' में 'फ़ुटबॉल कल्चर और प्लेयर पाथवेज लीड' के तौर पर शामिल हुई है।

डलिमा छिब्बर यहां सक्रिय भूमिका में नोवा फुटबॉल अकादमी के करिकुलम (पाठ्यक्रम) और कामकाज के तरीकों को बेहतर बनने में मदद, खिलाड़ियों का मार्गदर्शन और खिलाड़ियों, कोचों तथा माता-पिता के लिए संपर्क का जरिया बनेंगी। साथ ही, वह कैमरे के सामने और पीछे नोवा स्पोर्ट्स ब्रांड का प्रतिनिधित्व भी करेंगी।

छिब्बर की भूमिका व्यापक फुटबॉल इकोसिस्टम के विकास में मदद करने पर भी केंद्रित होगी, जिसमें कोचों को शामिल करना, उनकी ट्रेनिंग और विकास शामिल है। इसमें अधिकतर महिला कोचों की पहचान करने और उन्हें तैयार करने पर खास ध्यान दिया जाएगा। डलिमा ऐसे सिस्टम बनाने में योगदान देंगी जो एथलीटों के विकास के अलग-अलग चरणों में उनका साथ दें, जिससे भारत में महिला फ़ुटबॉल के विकास के लिए एक मजबूत मानक स्थापित हो सके।

नोवा स्पोर्ट्स के साथ जुड़ने पर डलिमा छिब्बर ने कहा, "खिलाड़ियों और महिला फ़ुटबॉलर के तौर पर, हम बेहतर ढांचा और ऐसे लोगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं जो आगे आएं और इस खेल को बढ़ाने में मदद करें। कैपरी स्पोर्ट्स का आगे आना और यह पहल करना बहुत रोमांचक है। महिला फ़ुटबॉल में बहुत संभावनाएं हैं, और मैं उस रास्ते को बनाने का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हूं। यह देखना अद्भुत है कि लोग जमीनी स्तर पर खेल को सपोर्ट करने और उसे एलीट लेवल तक ले जाने के लिए तैयार हैं।"अपनी भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, "मैं एक खिलाड़ी और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट के तौर पर अपने अनुभव और इंटरनेशनल एक्सपोज़र का इस्तेमाल करके नोवा स्पोर्ट्स प्रोग्राम और इसके फ़ुटबॉल करिकुलम को आकार देने में योगदान देने के लिए उत्साहित हूं। एथलीट को तैयार करने का मतलब सिर्फ़ उन्हें बॉल को किक करना सिखाना नहीं है; एक खिलाड़ी के सर्वांगीण विकास में और भी बहुत कुछ शामिल होता है। फ़ुटबॉल मानसिक और शारीरिक खेल है, और इसके लिए सही मार्गदर्शन, न्यूट्रिशन और सपोर्ट की ज़रूरत होती है। मेरी भूमिका पाथवे विकसित करने, फ़िलॉसफ़ी को आकार देने और ऐसा सिस्टम बनाने की भी है जिसमें युवा लड़कियां खुद को देख सकें, इसे प्रोफ़ेशनली अपना सकें, बड़े सपने देख सकें और आखिरकार नेशनल टीम तक पहुंच सकें।"डालिमा की नियुक्ति नोवा स्पोर्ट्स द्वारा हाल ही में बेंगलुरु में पहली सुपरनोवा फुटबॉल चैंपियनशिप (एसएनएफसी) आयोजित करने के बाद हुई है, जो इस प्लेटफ़ॉर्म की पहली बड़ी ऑन-ग्राउंड पहल थी। दो दिन तक चले इस 7-ए-साइड चैंपियनशिप में बेंगलुरु भर के स्कूलों ने हिस्सा लिया, जिससे युवा लड़कियों को मुकाबला करने, अपना हुनर दिखाने और फुटबॉल मैच वाले माहौल का अनुभव करने का मौका मिला।

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