चंडीगढ़/ फगवाड़ा , अगस्त 10 -- पंजाब विधानसभा के जारी सत्र के दौरान सोमवार को जीरो आवर में फिल्लौर के विधायक विक्रमजीत सिंह चौधरी ने क्षेत्र में बुनियादी सार्वजनिक सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
विधायक चौधरी ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, " स्कूल हैं, लेकिन शिक्षक नहीं, अस्पताल हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं।"उन्होंने सरकारी संस्थानों में आवश्यक स्टाफ की कमी और लोगों को पर्याप्त सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में सरकार की विफलता पर सवाल उठाये।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान चौधरी ने फिल्लौर में लंबे समय से लंबित फायर स्टेशन के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा फायर ब्रिगेड को मंजूरी दिये करीब चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन नगर परिषद अब तक फायर स्टेशन का निर्माण नहीं कर सकी है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि फिल्लौर बस स्टैंड को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए उचित प्रवेश और निकास मार्ग उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव तत्काल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भेजा जाये।
विधायक ने कहा कि उनके द्वारा उठाये गये सवालों पर शिक्षा मंत्री भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने शिक्षकों की कमी समेत क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।
श्री चौधरी ने सरकार से तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केवल स्कूलों और अस्पतालों की इमारतें होना या सुविधाओं की घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है। इन संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराकर उन्हें आम जनता के लिए पूरी तरह कार्यशील बनाना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
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