नयी दिल्ली , जनवरी 30 -- फिल्म निर्माता पी. रंजीत ने तमिलनाडु सरकार द्वारा हाल ही में राज्य फिल्म पुरस्कार और राज्य टेलीविजन पुरस्कारों की घोषणा के बाद पुरस्कार देने वाली राष्ट्रीय और राज्य स्तर की संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या सच में वे भेदभाव से मुक्त होती हैं?श्री रंजीत ने सोशल मीडिया पर पुरस्कार प्रणालियों की ईमानदारी पर चिंता जताते हुए पूछा, "तमिलनाडु सरकार द्वारा फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के बाद मेरा आपसे एक सवाल है, क्या तमिलनाडु और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सरकारी और निजी पुरस्कार संगठन सच में ईमानदारी से काम करते हैं?"साल 2016 से 2022 तक के तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार, साथ ही 2014 से 2022 तक के राज्य टेलीविजन पुरस्कारों की घोषणा गुरुवार को की गई। इन पुरस्कारों में फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री की कई जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया, जिसमें अभिनेताओं, निर्देशकों और संगीतकारों को सालों से उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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