भोपाल , अक्टूबर 21 -- मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) को लेकर आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में राजनीतिक दलों की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस ने फार्म-6 में नए मतदाताओं की श्रेणी स्पष्ट नहीं होने पर आपत्ति जताते हुए इसमें अलग-अलग श्रेणियों के लिए कॉलम निर्धारित करने की मांग की।

बैठक में कांग्रेस के चुनाव सेल प्रभारी जेपी धनोपिया ने कहा कि फार्म-6 में केवल नए मतदाता का उल्लेख है। इसमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि आवेदन करने वाला मतदाता पहली बार 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर पंजीयन करा रहा है या दूसरे स्थान से स्थानांतरित होकर आया है अथवा किसी अन्य श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि इससे राजनीतिक दलों को मतदाता सूची में शामिल किए जा रहे नए मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट रूप से समझने में मदद मिलेगी।

श्री धनोपिया ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि उनकी आपत्तियों पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उनकी बातों को आयोग तक पहुंचाने की बात कही। कांग्रेस ने फार्म में आवश्यक सुधार कराने की मांग की।

बैठक में कांग्रेस ने नई कॉलोनियों में मकानों के नंबर दर्ज करने में होने वाली गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का कहना था कि बड़े शहरों में विकसित हो रही नई कॉलोनियों में कई मकानों के नंबर निर्धारित नहीं होते, ऐसे में बूथ लेवल अधिकारी अपनी ओर से नंबर दर्ज कर देते हैं, जिससे मतदाता सूची में त्रुटियां होने की आशंका रहती है। कांग्रेस ने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की। वहीं, भाजपा ने बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति से संबंधित विषय पर अपनी बात रखी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 71,930 मतदान केंद्र हैं। जिलों को मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता होने पर मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव भी भेजे जा सकते हैं। मतदान केंद्रों का निर्धारण दो किलोमीटर की परिधि अथवा निर्वाचन आयोग के निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जाता है। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

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