बेंगलुरु , जून 06 -- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को सोशल मीडिया पर नफरत और भड़काऊ कंटेंट (सामग्री) फैलाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली या ऊंचे ओहदे वाला क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेंगलुरु पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री खरगे ने कहा, "कानून सभी के लिए बराबर है। जो कोई भी सोशल मीडिया के जरिए नफरत, अशांति या तनाव फैलाने की कोशिश करेगा, उसे कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ेगा।"उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी ) विभाग और पुलिस विभाग मिलकर ऑनलाइन फैल रही फेक न्यूज और भड़काऊ कंटेंट की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उनकी यह चेतावनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल से गलत जानकारी और भड़काऊ बातें फैलाने को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है।
श्री खरगे ने कहा कि समीक्षा बैठक में बेंगलुरु में कानून-व्यवस्था की स्थिति, ड्रग्स की समस्या, महिलाओं की सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को ड्रग्स के नेटवर्क को खत्म करने, महिलाओं की सुरक्षा के उपाय मजबूत करने और शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए कोशिशें तेज करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में वीवीआईपी आवागमन के दौरान जनता को होने वाली परेशानी पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को यातायात और लोगों की आवाजाही में रुकावट कम करने के तरीके खोजने का निर्देश दिया गया है, हालांकि बदली हुई व्यवस्था को लागू करने में समय लगेगा।
जनता की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री खरगे ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और बेंगलुरु के शहरी अवसंरचना में सुधार करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं, और सभी विभाग नई चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित