पटना , अप्रैल 29 -- सूबे में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले 'घोड़परास' पर नियंत्रण के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने ग्राम पंचायतों के मुखियाओं को विशेष अधिकार देते हुए एक बार में 50 घोड़परासों को आखेट करने का अधिकार दिया है। इसके लिए विभाग द्वारा अब तक 13 प्रशिक्षित शूटर्स को सूचीबद्ध किया गया है। साथ ही आवश्यकता बढ़ने पर और अधिक शूटर्स नियुक्त किए जाएंगे।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्यभर में कुल 3092 घोड़परासों का आखेट किया गया है। सबसे अधिक 1300 घोड़परास का शिकार गोपालगंज और सीवान जिलों में किया गया है। इसके बाद वैशाली में 1052, मुंगेर में 204, नालंदा में 165, बेगूसराय में 149, मोतिहारी में 94, सारण में 70, समस्तीपुर में 39, गया में 12 और दरभंगा में 7 घोड़परासों का शिकार किया गया।
गौरतलब है कि घोड़परास, जंगली सुअर अक्सर खेतों में घुसकर फसलों को भारी क्षति पहुंचाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
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