नयी दिल्ली , जून 01 -- दिल्ली सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल क्षति पर दी जाने वाली सहायता राशि में 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की कर दी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि फसल नुकसान पर किसानों की सहायता राशि बढ़ाने पर निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से राजधानी के करीब 10 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनकी फसलें पिछले वर्ष लगातार हुई भारी बारिश और प्राकृतिक नालों के उफान के कारण खेतों में हुए जलभराव से गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कुल 10,977.44 एकड़ (लगभग 4,442.41 हेक्टेयर) कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ था।

मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2015 में तत्कालीन सरकार द्वारा वर्षा से फसल क्षति की स्थिति में किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुग्रह सहायता देने का प्रावधान किया गया था। यह राशि लगभग 49,421 रुपये प्रति हेक्टेयर है। अब उनकी सरकार ने कृषि लागत में हुई वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सहायता की दर बढ़ाकर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी है। इस प्रकार किसानों को पहले की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक सहायता प्राप्त होगी। यह सहायता उन किसानों को मिलेगी जिनकी फसलें भारी वर्षा और उसके कारण खेतों में हुए जलभराव से क्षतिग्रस्त हुई हैं। वर्तमान निर्णय विशेष रूप से अगस्त-सितंबर 2025 के दौरान हुई अत्यधिक वर्षा और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र के प्रभावित होने से उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में लिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह सहायता भूमि के अभिलेखित स्वामियों को दी जाएगी। कंपनियों के स्वामित्व वाली भूमि, ग्राम सभा में निहित भूमि तथा पक्की चारदीवारी वाले प्लॉट स्वरूप के फार्महाउस इस सहायता के दायरे में शामिल नहीं होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार राजस्व विभाग द्वारा कराए गए विस्तृत आकलन में पाया गया कि अगस्त-सितंबर 2025 की भारी वर्षा और खेतों में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा और फसल क्षति का आकलन 100 प्रतिशत किया गया। इसी के मद्देनजर कैबिनेट ने प्रभावित किसानों को पूर्ण दर से 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की अनुग्रह सहायता देने का निर्णय लिया है।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार किसानों के परिश्रम, उनकी आजीविका और कृषि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। प्राकृतिक आपदाओं, अत्यधिक वर्षा अथवा अन्य विपरीत परिस्थितियों के कारण जब किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं, तब सरकार का दायित्व है कि वह उनके साथ मजबूती से खड़ी रहे और उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।

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