अम्बिकापुर , अप्रैल 10 -- छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर के जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने फसल क्षति मुआवजा निर्धारण में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में एक राजस्व निरीक्षक और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिला प्रशासन से शुक्रवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम उरंगा-बरिमा (तहसील मैनपाट) में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि के फसल क्षति मुआवजा निर्धारण का कार्य संगीता भगत, राजस्व निरीक्षक और चन्द्रदेव मिर्रे, पटवारी को सौंपा गया था।
जांच के दौरान पाया गया कि दोनों कर्मचारियों द्वारा मूल सेटलमेंट रकबा से अधिक भूमि दर्ज कर दी गई। साथ ही मुआवजा अवधि के दौरान भूमि का क्रय-विक्रय कर ऑनलाइन अभिलेखों में संशोधन किया गया और बाद में मूल भूमि स्वामी के नाम पर त्रुटिपूर्ण गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कार्यालय द्वारा गत 18 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर दोनों के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत माना गया।
जारी आदेश के तहत संगीता भगत और चन्द्रदेव मिर्रे को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में संगीता भगत का मुख्यालय कार्यालय भू-अभिलेख, जिला सरगुजा तथा चन्द्रदेव मिर्रे का मुख्यालय कार्यालय तहसीलदार उदयपुर निर्धारित किया गया है। दोनों को इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
कलेक्टर कार्यालय ने आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त भू-अभिलेख, आयुक्त सरगुजा संभाग सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी है।
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