नैनीताल , अप्रैल 01 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने फल पट्टी के रूप में जाने जाने वाले रामगढ़ ब्लाक के सूपी ग्राम सभा में सड़क निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और मंडी समिति को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

सूपी निवासी रूप सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि रामगढ़ ब्लाक का सूपी गांव रामगढ़, मुक्तेश्वर और भटेलिया की तरह ही फल-सब्जी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। आजादी के इतने साल बाद भी इस गांव सड़क से नहीं जोड़ा गया है। ग्रामीण बीते 20 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

याचिका में कहा गया कि पहले 12 फीट चौड़ा खड़ंजा मार्ग था, जो भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब यह 02 फीट चौड़ा रह गया है। ग्रामीणों को फल-सब्जियां सिर पर ढोकर मुख्य मार्ग तक लानी पड़ती है।

सड़क न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं गर्भवती महिलाओं और बीमारों को डोली के सहारे ले जाना पड़ता है, जिससे कई जानें भी जा चुकी हैं।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में मंडी समिति द्वारा सड़क निर्माण का निर्णय लिया गया था लेकिन स्वीकृत धनराशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।

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