फर्रुखाबाद , अगस्त 5 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी का जलस्तर बुधवार सुबह खतरे के निशान से मात्र 15 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अमृतपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नाव से दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 136.95 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर तथा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं नरौरा बैराज से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जिले में बाढ़ का प्रभाव और गंभीर बना हुआ है।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तहसील अमृतपुर के विकासखंड राजेपुर स्थित बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम मड़ैया का नाव से पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जाए तथा कोई भी पीड़ित आवश्यक सहायता से वंचित न रहे।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राहत शिविरों में खाद्यान्न वितरण, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि मेडिकल टीमें नियमित रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराएं।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही अधिकारियों को जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा बच्चों को कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन और त्वचा रोग संबंधी दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा ग्रामीणों को क्लोरीन, ओआरएस (डिहाइड्रेशन से बचाव), फंगल संक्रमण तथा सर्पदंश से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जाए। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित गांवों में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शिक्षकों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गांवों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने को कहा गया।

इसके बाद जिलाधिकारी ने विकासखंड राजेपुर स्थित रामनिवास महाविद्यालय के अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में संचालित बाढ़ शरणालय का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन, पेयजल, बिजली, स्वच्छ शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, दवा उपलब्धता तथा महिलाओं और बच्चों के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

शरणालय में रह रहे लोगों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी प्रभावित परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप समुचित राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शरणालय में रह रहे लोगों तथा उनके पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की तैनाती करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू, नायब तहसीलदार अभिषेक, खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल सहित राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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