फर्रुखाबाद , सितंबर 11 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा और उसकी सहायक नदी रामगंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। जिले में बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 115 हो गई है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित दौलतपुर चकई गांव का निरीक्षण किया और अमृतपुर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में बाढ़ पीड़ितों को राहत किट वितरित की।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे कादरी गेट थाना क्षेत्र स्थित पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, राजेपुर थाना क्षेत्र में गंगा की सहायक नदी रामगंगा भी ब्रह्मदत्त द्विवेदी सेतु के पास खतरे के निशान 137.10 मीटर पर पहुंच गई है।
प्रवक्ता के अनुसार गंगा में नरौरा बैराज से 86,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे लोहिया सेतु के पास गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हो रही है। रामगंगा में खो बैराज, हरेली बैराज और रामनगर बैराज से कुल 8,698 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि तीन सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किए जाने के समय जिले के 102 गांव बाढ़ से प्रभावित थे। शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 115 हो गई। गंगा के बढ़ते जलस्तर से शेरापुरा सराय, मजरा कुंडपुरा और तौफीक की मड़ैया में कटान तेज हो गया है, जिसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बाढ़ के कारण अमृतपुर तहसील क्षेत्र में बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग पर चित्रकूट गांव के समीप सड़क के डिवाइडर के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। इसके अलावा अन्य मार्गों के जलमग्न होने से भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर मरीजों का परीक्षण और उपचार कर रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में गठित 198 चिकित्सा टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर रही हैं। अब तक 23,811 से अधिक लोगों का उपचार किया जा चुका है तथा 19,363 ओआरएस पैकेट और 29,419 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर मरीजों की पहचान कर रही हैं और आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के साथ गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर कर रही हैं।
प्रवक्ता के अनुसार कायमगंज क्षेत्र के समैचीपुर चितार गांव में बाढ़ में फंसे नौ परिवारों के 32 लोगों को सुरक्षित निकालकर शमशाबाद उप मंडी स्थित बाढ़ शरणालय पहुंचाया गया। इसी गांव में पिछले दिनों एक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया था, जिसे जिला प्रशासन ने महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शमशाबाद पहुंचाया।
उन्होंने बताया कि समैचीपुर चितार में रेस्क्यू अभियान पूरा कर लिया गया है और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत एवं भोजन सामग्री वितरित की जा रही है। गांव में बाढ़ का पानी भरने से दर्जनों मकान और झोपड़ियां क्षतिग्रस्त होकर गंगा के पानी में समा गई हैं।
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