फर्रुखाबाद , जून 22 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में सदर तहसील के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने प्रदेश में प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली के विरोध में सोमवार से दो दिवसीय सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शुरू किया। विरोधस्वरूप सभी संबंधित लोगों ने अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया। सदर तहसील बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव विकास सक्सेना ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों में किसी निजी संस्था के माध्यम से ई-रजिस्ट्री (बैनामा एवं अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण) प्रणाली लागू किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं में व्यापक चिंता है।

उन्होंने कहा कि यदि ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू होती है तो तहसीलों में कार्यरत अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के समक्ष रोजगार और आजीविका का संकट उत्पन्न हो सकता है। इसी आशंका के चलते प्रदेश की विभिन्न तहसीलों में संबंधित वर्ग द्वारा विरोध प्रदर्शन और हड़तालें की जा रही हैं।

श्री सक्सेना ने बताया कि सदर तहसील बार एसोसिएशन की 20 जून को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया था कि 22 और 23 जून को सभी अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक तथा स्टांप विक्रेता काली पट्टी बांधकर प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली का विरोध करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगामी बैठक में आंदोलन को और तेज करने तथा हड़ताल जैसे कदमों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।

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