बिलासपुर , जुलाई 19 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सर्पदंश से फर्जी मौत दर्शाकर शासकीय मुआवजा दिलाने के चर्चित मामले में पुलिस ने सिम्स में पदस्थ रहीं महिला चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया ।

पुलिस ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. प्रियंका सोनी पर दो मामलों में सर्पदंश से मौत की कथित फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि, तोरवा थाना क्षेत्र में तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत के मामलों में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. सोनी ने किया था और मृत्यु का कारण सर्पदंश दर्शाते हुए कथित रूप से फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी।

पुलिस ने बताया कि फरार चल रही डॉ. सोनी को 18 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले इस प्रकरण में मृतकों के परिजन तथा एक अधिवक्ता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें निसार खान की पत्नी सफीना बानो, लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी तथा वकील रंजीत कुमार चतुर्वेदी शामिल हैं।

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