नैनीताल , जून 13 -- उत्तराखंड के कुमाऊं में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के मामले में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने शुक्रवार देर रात दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों को ऊधमसिंहनगर जिले के सितारगंज-रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में करनजीत सिंह (35) निवासी ग्राम भुड़िया कॉलोनी, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी एवं संचालक रेस्टोरेंट सरदार जी, सितारगंज तथा विक्रमजीत सिंह तूर (36) निवासी नियर मंडी, सितारगंज, ऊधमसिंहनगर शामिल हैं।

एसटीएफ ने दोनों के कब्जे से एक .30 बोर और एक .32 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल के साथ 31 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक माह से एसटीएफ की टीमें इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई थीं। जांच के आधार पर काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके बाद लगातार कार्रवाई करते हुए नेटवर्क से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह कारोबार राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक या सहयोगी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

एसटीएफ के अनुसार अब तक इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही 14 अवैध शस्त्र, 341 कारतूस तथा बड़ी संख्या में संदिग्ध और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।

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