चंदौली , सितंबर 9 -- रेलवे कर्मचारी बनकर फर्जी पे-स्लिप और विभागीय प्रमाण पत्र के सहारे एसबीआई से 20 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने के आरोपी को चंदौली पुलिस ने साइबर और सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की पहचान बिहार के खगड़िया निवासी विजय कुमार राय (42) के रूप में हुई है। आईटीसी मॉल स्थित एसबीआई शाखा के प्रबंधक ने 14 अगस्त को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि विजय कुमार राय ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताते हुए कूटरचित पे-स्लिप, रेलवे विभाग का प्रमाण पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेज बैंक में प्रस्तुत किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने 15 नवंबर 2022 को एक्स-प्रेस क्रेडिट योजना के तहत 20 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण ले लिया।

लोन की किस्तें उसके वेतन खाते से कटनी थीं, लेकिन किस्तें जमा नहीं हुईं। बैंक की जांच में सामने आया कि विजय रेलवे कर्मचारी नहीं है और उसके नाम से कोई पे-स्लिप भी विभाग ने जारी नहीं की थी। इसके बाद चंदौली कोतवाली में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कानपुर में रहकर निजी काम करता था। उसने रेलवे कर्मचारी बनकर फर्जी पे-स्लिप, प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर बैंक से 20 लाख रुपये का लोन लिया था।

प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर और सर्विलांस टीम की मदद से आरोपी को बुधवार को करीब 11:40 बजे हिरासत में लिया। आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया गया।

गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक दुर्गेश यादव, निरीक्षक रामजीत यादव, आरक्षी उमंग राय, आरक्षी राजकुमार सरोज, साइबर सेल के उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग, हेड कांस्टेबल संतोष सिंह और सर्विलांस सेल के आरक्षी मनीष कुमार शामिल रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित