गोरखपुर , जून 21 -- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की पुलिस ने रविवार को साइबर और आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसते हुए एक ऐसे अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था।

पुलिस ने इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस कार्रवाई से ठगी के शिकार लोगों में उम्मीद जगी है और अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गोरखनाथ पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मोहित चावला निवासी बिजनौर और रोहित यादव निवासी लखनऊ को गिरफ्तार किया।

पूछताछ और जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जो विभिन्न जिलों में जाकर खुद को बैंक अधिकारी या बैंक मैनेजर बताकर लोगों को ठगने का काम करते थे। गिरोह का मुख्य सरगना मोहित चावला गोरखपुर सहित अन्य शहरों में जाकर वारदात को अंजाम देता था और स्थानीय स्तर पर भी उसे सहयोग मिलता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी भोले-भाले लोगों को बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट कराने, अधिक ब्याज दिलाने या पुराने नोटों के बदले नए नोट उपलब्ध कराने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसी तरह एक व्यक्ति को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी की साजिश रची गई थी। पीड़ित की शिकायत पर थाना गोरखनाथ में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और संपर्क सूत्र शामिल हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

एसपी सिटी ने बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है और इनके खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई मामले दर्ज हैं। यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों को निशाना बनाता था, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अब तक इस गिरोह ने किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर बैंकिंग से जुड़ी जानकारी या धनराशि न दें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑफर की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके।

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