तिरुवनंतपुरम , मार्च 11 -- देशभर में साइबर अपराधियों द्वारा एक नया ठगी का तरीका सामने आया है, जिसमें ठग खुद को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) का अधिकारी बताकर लोगों और संस्थाओं को फर्जी नोटिस भेज रहे हैं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ठग सोशल मीडिया, ई-मेल और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों को डराने-धमकाने वाले संदेश भेजते हैं और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे की मांग करते हैं।
इन फर्जी संदेशों में दावा किया जाता है कि पीड़ित का आईपी एड्रेस अवैध गतिविधियों में शामिल पाया गया है, जैसे विदेशी मुद्रा लेनदेन करना या अश्लील वेबसाइटों-यहां तक कि नाबालिगों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट-को एक्सेस करना।
ठग इन आरोपों के आधार पर गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट केस या पुलिस कार्रवाई की धमकी देते हैं और मामले को "सुलझाने" के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए दबाव बनाते हैं। कुछ मामलों में पीड़ितों को 24 घंटे के भीतर व्हाट्सऐप या ई-मेल के जरिए जवाब देने को कहा जाता है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार या कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी ई-मेल या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए इस तरह के नोटिस जारी नहीं करती और न ही धनराशि की मांग करती है।
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