रायबरेली , अक्टूबर 12 -- उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से पर्सनल लोन दिलाने वाले गिरोह के एक वांछित आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उन्नाव जिले के हसनगंज थाना क्षेत्र के मौला बाकिपुर गांव निवासी उमाशंकर के रूप में हुई है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा की रायबरेली मुख्य शाखा में 48 लोगों के पर्सनल लोन खाते खोले गए थे। इन खातों के माध्यम से फर्जी वेतन पर्ची, नियुक्ति पत्र और आधार कार्ड पर पता बदलकर लोन लिया गया था। बैंक अधिकारियों की जांच के बाद 29 दिसंबर 2025 को तत्कालीन मुख्य प्रबंधक मुकेश कुमार की तहरीर पर कोतवाली नगर में संबंधित खाताधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और धरातलीय साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर आशिष निगम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कानपुर रोड स्थित रतापुर कब्रिस्तान के पास से वांछित आरोपी उमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में पहले भी 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए लोगों में रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, लखनऊ और फतेहपुर जिलों के निवासी शामिल हैं।

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