सक्ती , मई 27 -- छत्तीसगढ़ में सक्ती जिले के बाराद्वार नगर पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) से जुड़ा कथित बड़ा अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि शासकीय गोचर भूमि के नक्शे में कथित छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सैकड़ों लोगों के आवास स्वीकृत कराने की तैयारी की गई और लाभार्थियों से मोटी रकम वसूली जा रही थी।
नगर पंचायत बाराद्वार के नेता प्रतिपक्ष अभिषेक राय ने इस मामले का खुलासा करते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो को शिकायत सौंपकर जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधियों और संबंधित पटवारी की मिलीभगत से करीब 700 परिवारों को पीएम आवास दिलाने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, शासकीय गोचर भूमि के रिकॉर्ड और नक्शों में कथित बदलाव कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, जिनके आधार पर पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया चलाई जा रही थी। अभिषेक राय ने आरोप लगाया कि लोगों से आवास दिलाने के नाम पर बड़ी रकम भी वसूली गई है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गरीब परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर भ्रमित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में उन्हें कानूनी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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