बोस्टन , जुलाई 30 -- अमेरिका के मैसाचुसेट्स में फर्जी डकैती का नाटक रचकर आव्रजन वीजा (यू-वीजा) पाने की साजिश में शामिल भारतीय नागरिक मितुल पटेल को बोस्टन की अदालत ने दोषी ठहराया है।

अदालत ने पटेल (40) पर 1,000 डॉलर का जुर्माना लगाया और जेल में बिताए गये एक दिन को ही उसकी सजा मानते हुए उसे तुरंत अमेरिका से बाहर भेजने का आदेश दिया।

मामले के मुताबिक, गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे मितुल पटेल और उसके 10 साथियों पर मार्च में मामला दर्ज हुआ था। मितुल ने जून में अपना जुर्म कबूल कर लिया था।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रामभाई पटेल और उसके साथी मार्च 2023 से दुकानों और रेस्तरां में फर्जी सशस्त्र डकैती करवाते थे। इसका मकसद दुकान के कर्मचारियों को पीड़ित दिखाकर उनके लिए अमेरिका का 'यू-वीजा' हासिल करना था। अमेरिका में यह वीजा उन विदेशियों को मिलता है जो किसी गंभीर अपराध का शिकार हुए हों और जांच में पुलिस की मदद करते हैं।

इस फर्जीवाड़े में एक नकली डाकू दुकान में घुसकर बंदूक दिखाता था और पैसे लूटकर भाग जाता था। यह सब दुकान के सीसीटीवी में रिकॉर्ड होता था ताकि सबूत रहे। डाकू के भागने के पांच मिनट बाद कर्मचारी पुलिस को फोन करते थे। पीड़ित बनने के लिए मितुल पटेल जैसे लोग रामभाई को पैसे देते थे और रामभाई दुकानों के मालिकों को इसके बदले भुगतान करता था।

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