भिण्ड , अक्टूबर 09 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार करने के मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले अधिवक्ता गौरव शर्मा को कथित रूप से जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने रामू दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिवक्ता का आरोप है कि बिलाव गांव निवासी रामू दुबे ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
करीब तीन महीने पहले अधिवक्ता गौरव शर्मा ने बिलाव गांव के सरपंच, सचिव, भिण्ड तहसील के तहसीलदार सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला बिलाव गांव के एक युवक से जुड़ा है, जिस पर मुंबई में एक नाबालिग के साथ गलत कृत्य करने का आरोप है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि युवक को बचाने के लिए कथित रूप से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराया गया, जिसमें उसकी उम्र नाबालिग बताई गई थी। जांच के बाद पुलिस ने आठ लोगों को आरोपी बनाया था। इसके बाद से शिकायतकर्ता पक्ष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
गौरव शर्मा ने पुलिस को बताया कि 30 जुलाई की रात करीब नौ बजे वह ब्रह्मपुरी चतुर्वेदी नगर स्थित अपने घर के कार्यालय में थे। इसी दौरान बिलाव निवासी राजू दुबे के छोटे भाई रामू दुबे का फोन आया। अधिवक्ता के अनुसार, रामू ने राजू के खिलाफ मामला दर्ज कराने को लेकर गाली-गलौज की। विरोध करने पर उसने धमकी दी कि यदि आगे से उसके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की गई अथवा वह गांव आए तो उसे जान से खत्म कर दिया जाएगा।
अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी अपने भाई ऋषभ शर्मा और मनीष शर्मा को दी तथा फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुनाई। डर के कारण वह तत्काल थाने नहीं गए। बाद में अपने साथी विक्रम बाथम के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रामू दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और पुराने मामले से जुड़े विवाद की जांच कर रही है।
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