मुंबई , अक्टूबर 6 -- महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने मध्य प्रदेश से एक सॉफ्टवेयर डेवलपर को साइबर अपराधियों की मदद के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि लिए आरोपी साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए फर्जी और हानिकारक एपीके फाइलें बनाता और बेचता था। इन फाइलों का इस्तेमाल देश भर में लोगों से ठगी करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 2,805 फर्जी एपीके फाइलें तैयार की थीं और उन्हें साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को बेचा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन फाइलों का संबंध देश भर में करीब 9,673 लोगों से हुई साइबर धोखाधड़ी से है।
मामले की जांच तब शुरू हुई जब मुंबई के एक वरिष्ठ नागरिक से कथित तौर पर 5.62 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित को व्हाट्सएप पर "सीनियर सिटीजन कार्ड वेरिफिकेशन" नाम से एक एपीके फाइल मिली थी, जिसे बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बनकर भेजे गए मैसेज के साथ संलग्न किया गया था। इसी फाइल के जरिए बैंक खाते में सेंध लगाई गई।
अपराध शाखा की तकनीकी जांच के बाद पुलिस की टीम मध्य प्रदेश पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक सीपीयू, तीन हार्ड डिस्क, एक पेन ड्राइव, एक वाई-फाई राउटर और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन '1930' पर दर्ज 1,074 शिकायतें इसी आरोपी की बनाई गई एपीके फाइलों से जुड़ी हैं। इनमें से 143 शिकायतें महाराष्ट्र और 36 शिकायतें मुंबई से दर्ज की गई हैं।
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