बैतूल , जुलाई 26 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में लगभग 17 महीने से फरार आरोपी के खिलाफ न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए उद्घोषणा जारी की है। अदालत ने आरोपी को 30 दिन के भीतर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में पेश नहीं होने पर उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार मामला मुलताई थाना क्षेत्र के एक गांव का है। आरोपी सतीश हारले के विरुद्ध नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376(2)(एन) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मामला वर्तमान में प्रथम सत्र न्यायाधीश, मुलताई की अदालत में विचाराधीन है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी 17 दिसंबर 2024 से लगातार न्यायालय में अनुपस्थित है। उसकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया, लेकिन वह अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आरोपी के फरार रहने और न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी कर उसे सार्वजनिक रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी निर्धारित 30 दिनों की अवधि में आत्मसमर्पण नहीं करता है तो उसकी चल एवं अचल संपत्ति कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पुलिस ने लोगों से आरोपी के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।
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