बेंगलुरु , जनवरी 31 -- कर्नाटक सरकार ने 'अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2026' के आयोजन की घोषणा की है, जिसकी थीम 'उत्पादन से आगे कृषि-किसानों का सशक्तिकरण' रखी गई है। कृषि मंत्री एन. चालुवराय स्वामी ने कहा कि इस मेले का उद्देश्य मूल्य संवर्धन, जैविक खेती और बाजार से जुड़ाव के जरिए किसानों की आय दोगुनी करना है।

बेंगलुरु में 6 से 8 फरवरी तक प्रस्तावित यह मेला प्रसंस्कृत, जैविक और प्राकृतिक उत्पादों का प्रदर्शन करेगा तथा कार्यशालाओं, प्रदर्शनी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ बैठकों के जरिए किसानों में उद्यमिता को बढ़ावा देगा।

इस पहल को कृषि विभाग, कर्नाटक स्टेट एग्रीकल्चर प्रोड्यूस एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन, कर्नाटक स्टेट सीड्स कॉरपोरेशन और कर्नाटक दाल विकास निगम का समर्थन प्राप्त होगा।

सरकार का दावा है कि यह आयोजन छोटे किसानों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। हालांकि, विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों ने केवल व्यापार मेलों और मूल्य संवर्धन के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए हैं।

आलोचकों का कहना है कि कई छोटे किसानों के पास आवश्यक संसाधन, कौशल और अवसंरचना नहीं होती, जिससे वे ऐसे आयोजनों का पूरा लाभ नहीं उठा पाते। साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह पहल वास्तव में सबसे जरूरतमंद किसानों तक पहुंच पाएगी।

मेले में प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन, कृषि-पर्यावरण (एग्रो-इकोलॉजी) और ब्रांडिंग व ऋण सेवाएं जैसे उप-विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बीज उत्पादन, सतत कृषि और ऋण जागरूकता के लिए अलग-अलग मंडप भी लगाए जाएंगे।

इसके अलावा, मेले से पहले राज्य के सभी जिलों में प्री-इवेंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कर्नाटक पवेलियन में राज्य के शीर्ष किसान उत्पादक संगठन, स्टार्ट-अप्स और नवोन्मेषी उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

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