पटना, अगस्त 23 -- ारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने फरक्का बैराज और भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि को लेकर रविवार को कहा कि बिहार के जल हित सर्वोपरि हैं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार अपने अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा।श्री सरावगी ने आज बयान जारी कर कहा कि 1996 में जब भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि हुई, तब लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे। उस समय बिहार के पास राजनीतिक प्रभाव, राज्य सरकार और केंद्र की राजनीति में मजबूत उपस्थिति थी। ऐसे में आज लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेताओं को 'दूरदृष्टि' और बिहार के हितों पर भाषण देने से पहले यह बताना चाहिए कि 1996 में बिहार के हितों की पर्याप्त रक्षा क्यों नहीं हो सकी।
श्री सरावगी ने कहा कि आज जब 1996 की संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाली है, तब पुराने वीडियो जारी कर राजनीतिक ज्ञान बांटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब सत्ता और प्रभाव था, तब बिहार के जल हितों के लिए क्या किया गया और आज जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार बिहार की आवाज मजबूती से केंद्र तक पहुंचा रही है, तब राजनीति क्यों की जा रही है।
श्री सरावगी ने कहा कि फरक्का का मुद्दा केवल पानी के बंटवारे तक सीमित नहीं है। गाद, बाढ़, सिंचाई, पेयजल, कृषि, औद्योगिक विकास और बिहार की भविष्य की जल जरूरतें भी इससे जुड़ी हैं। इसलिए संधि के नवीनीकरण के समय बिहार की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरी मजबूती से सामने रखना आवश्यक है।
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