समस्तीपुर , अक्टूबर 08 -- बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने केंद्र सरकार से नदियों के संरक्षण और जल प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति बनाने की मांग करते हुए कहा है कि ऐसी नीति नहीं बनने से नदियों का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होने का खतरा है। जनता दल यूनाइटेड(जदयू) की ओर से फरक्का जल संधि की विसंगतियों को लेकर आयोजित 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार वर्ष 2012 से लगातार राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति बनाने की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि नदियों को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी नीति का बनना बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि फरक्का जल संधि की विसंगतियों को लेकर समाजवादियों की भूमि बिहार से लगातार आवाज उठ रही है। उन्होंने कहा किजदयू नेता नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की जनता इस समझौते की विसंगतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रही है।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा ने कहा कि फरक्का जल संधि किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि बिहार के लोगों के हित से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2026 में फरक्का जल संधि की अवधि समाप्त होने जा रही है। ऐसे में केंद्र सरकार को गंगा के पानी के वैज्ञानिक और तार्किक उपयोग को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2050 तक के लिए नया समझौता तैयार करने पर विचार करना चाहिए, जिसमें बिहार के पेयजल, सिंचाई और उद्योग-धंधों के विकास से जुड़े हितों का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि गंगा के जल का समुचित और वैज्ञानिक उपयोग बिहार के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा राज्य के हितों की अनदेखी किए बिना भविष्य की जल नीति तैयार की जानी चाहिए।
कार्यक्रम को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधायक अश्वमेध देवी, महेश्वर हजारी, राजकुमार राय, मांजरिक मृणाल तथा जदयू जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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