, Sept. 6 -- जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार शुरू से ही फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं। एक ओर फरक्का बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा हुआ है, जिससे उत्तर बिहार को हर वर्ष बाढ़ का सामना करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर शुष्क मौसम में संधि के कारण बिहार के हिस्से का पानी बांग्लादेश को देना पड़ता है, जिससे कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होती है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय संधि का 73 प्रतिशत बोझ अकेले बिहार उठा रहा है। यह बिहार के साथ अन्याय है और जदयू ''फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद'' के माध्यम से इस विषय को आम लोगों तक पहुंचाना चाहता है।

उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा को इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि श्री झा ने हाल में संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में भी यह विषय उठाया। उन्होंने कहा कि जदयू के शीर्ष नेतृत्व के प्रयासों से अब यह मुद्दा राष्ट्रीय विमर्श का विषय बन गया है।

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