कोल्हापुर , मई 01 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 13.3 किलोमीटर लम्बे 'मिसिंग लिंक' परियोजना की सराहना करते हुए इसे इंजीनियरिंग की एक बड़ी मिसाल बताया और सुझाव दिया कि इसको बतौर कनेक्टिंग लिंक के रूप में पहचाना जाना चाहिए।

श्री फडणवीस ने एक्सप्रेसवे पर 'मिसिंग लिंक' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए इस परियोजना को कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के सड़क ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। इस अवसर पर महाराष्ट्र के दोनों उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंंदे और श्रीमती सुनेत्रा पवार भी मौजूद थीं।

इस परियोजना से मुंबई और पुणे के बीच का यात्रा समय करीब 30 मिनट कम हो जायेगा क्योंकि यह भीड़भाड़ वाले लोनावला-खंडाला घाट सेक्शन को बाईपास कर देगा। इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी भी करीब छह किलोमीटर कम हो जायेगी।

मुख्यमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुये सुझाव दिया कि 'मिसिंग लिंक' की बजाय इस परियोजना को बतौर 'कनेक्टिंग लिंक' पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना खतरनाक खंडला घाट सेक्शन को बाईपास करते हुए खोपोली को सीधे कुसगांव से जोड़ती है।

उन्होंने महाराष्ट्र दिवस के मौके पर इस परियोजना का उद्घाटन किया और 133 मीटर ऊंचे केबल-स्टेड ब्रिज और सुरंगों को पूरा करने वाली टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि ये सुरंगें और ब्रिज तेज हवाओं का सामना करने के लिए खास तौर पर डिजाइन किये गये हैं।

श्री फडणवीस और श्री शिंंदे ने खालापुर छोर पर उद्घाटन के बाद खुद नयी सड़क पर गाड़ी चलाकर उसका जायजा लिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित