हनुमानगढ़ , मई 16 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले की एक अदालत ने फर्जी टीसी के आधार पर चुनाव लड़कर सरपंच निर्वाचित हुई और फर्जी टीसी बनाने वाले निजी स्कूलों की प्रबंध समिति के सचिव को शनिवार को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेतराम मुंड ने अभियुक्त सिलोचनादेवी को फर्जी टीसी के आधार पर सरपंच का चुनाव लड़कर निर्वाचित होने और पुरुषोत्तम कौशिक को फर्जी टीसी बनाने का दोषी मानते हुुए उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।

मामले के अनुसार वर्ष 2015 में पंचायत समिति रावतसर की ग्राम पंचायत धांधूसर में सिलोचना देवी फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज बनाकर चुनाव लड़कर सरपंच निर्वाचित हुई। फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज बनाने में पुरुषोत्तम कौशिक ने उसकी मदद की थी।

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