फगवाड़ा , अगस्त 21 -- कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा शुक्रवार को पंजाब बंद के आह्वान का फगवाड़ा में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजारों में अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान दिनभर बंद रहे। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल स्टोर खुले रहे। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। फगवाड़ा में अधिकांश निजी शिक्षण संस्थान बंद रहे, जबकि सरकारी शिक्षण संस्थान खुले रहे लेकिन विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। बैंक सामान्य रूप से खुले रहे, हालांकि बंद के कारण सार्वजनिक लेन-देन प्रभावित रहा। सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में कामकाज जारी रहा, जबकि अधिकांश निजी कार्यालय बंद रहे।

बंद के दौरान वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। आसपास के जिलों में सड़क अवरोध और यातायात प्रतिबंधों का भी इसका असर पड़ा। फगवाड़ा में न तो सड़क और न ही रेल यातायात को बाधित करने के लिए कोई नाकाबंदी की गयी। बसों और निजी वाहनों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शहर की सड़कों पर यातायात हल्का रहा।

निम्मा वाला चौक के निकट गुरुद्वारा सिंह सभा में भारतीय किसान यूनियन (दुआबा), अकाल स्टूडेंट्स फेडरेशन फगवाड़ा और एलायंस ऑफ सिख्स ऑर्गनाइजेशन के नेता एवं कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बाजार क्षेत्र में रोष मार्च निकाला और दुकानदारों से पंजाब बंद के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की।

प्रदर्शन में बीकेयू (दुआबा) के प्रदेश प्रेस सचिव गुरपाल सिंह पाला, प्रदेश उपाध्यक्ष हरभजन सिंह बाजवा, अकाल स्टूडेंट्स फेडरेशन फगवाड़ा के अध्यक्ष मनजीत सिंह और एलायंस ऑफ सिख्स ऑर्गनाइजेशन के प्रवक्ता सुखदेव सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए शहर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर अमन कुमार दवेश्वर ने पूरे दिन स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखी। यातायात को सुचारू रखने के लिए विभिन्न मार्गों पर रूट डायवर्ट भी किये गये। फगवाड़ा में पंजाब बंद शांतिपूर्ण और लगभग पूरी तरह घटनारहित रहा। प्रशासन ने बाजारों, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाये रखी।

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