फगवाड़ा , मार्च 31 -- पंजाब में गेहूं खरीद सीजन से ठीक पहले एक अहम घटनाक्रम में आढ़तिया एसोसिएशन फगवाड़ा ने एक अप्रैल से सभी अनाज मंडियों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की है। यह निर्णय जिला प्रधान नरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में लिया गया।

मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए श्री भारद्वाज ने बताया कि यह फैसला फेडरेशन ऑफ आढ़तिया एसोसिएशन, पंजाब के आह्वान पर लिया गया है। सोलह मार्च को मक्खू मंडी (फिरोजपुर) में राज्य प्रधान विजय कालड़ा की अगुवाई में आयोजित आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था कि यदि राज्य और केंद्र सरकारें आढ़तियों की लंबित मांगें निर्धारित समय में पूरी नहीं करतीं, तो मंडियां अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी।

निर्णय के अनुसार फगवाड़ा की प्रमुख अनाज मंडियां, होशियारपुर रोड स्थित मुख्य मंडी सहित रिहाना जट्टां, पंचहट, वाहद और रानीपुर की मंडियां, पूरी तरह बंद रहेंगी। इस दौरान न तो निजी व्यापारी और न ही सरकारी एजेंसियां गेहूं की खरीद करेंगी।

प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर आढ़तिए अपनी दुकानों के बाहर काले झंडे लगाएंगे। भारद्वाज ने बताया कि समुदाय की मुख्य मांग कमीशन (आढ़त) को पहले की दर 2.5 प्रतिशत पर बहाल करना है। उन्होंने सरकार द्वारा हाल ही में कमीशन को 46 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 50.74 रुपये प्रति क्विंटल करने को अपर्याप्त बताया।

एसोसिएशन ने भारतीय खाद्य निगम द्वारा काटे गए 55 करोड़ रुपये और पंजाब सरकार द्वारा ईपीएफ मद में काटे गये तीन करोड़ की तत्काल वापसी की भी मांग की है। इसके अलावा मंडियों में दुकानों का एकमुश्त निपटारा, कम दरों पर ठेके लेने वाले ठेकेदारों द्वारा कथित शोषण और खरीदे गये अनाज की एजेंसियों द्वारा समय पर उठान न होने जैसे मुद्दे भी बैठक में उठाये गये।

श्री भारद्वाज ने कहा कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सभी आढ़तियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बैठक में बड़ी संख्या में आढ़तियों ने भाग लिया, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तकसंघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

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