फगवाड़ा , अप्रैल 17 -- पंजाब में फगवाड़ा पुलिस ने शुक्रवार को ईस्टवुड गांव में रसोई गैस (एलपीजी) के तेज रिसाव से संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पूरा गांव गैस की गंध से भर गया था, खासकर व्यस्त बाजार क्षेत्र में जहां उस समय बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। स्थिति बेहद गंभीर थी, क्योंकि मामूली चिंगारी भी बड़े धमाके का कारण बन सकती थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बाजार के बीच स्थित एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में 24 एलपीजी सिलेंडर अवैध रूप से जमा किए गए थे। यह भंडारण बिना किसी वैध विस्फोटक लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेजों के किया जा रहा था, जिससे कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है। स्थिति को और गंभीर इस बात ने बना दिया कि इलाके में पहले से ही एलपीजी सिलेंडरों की कमी चल रही थी, फिर भी ऐसे मामलों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि इन सिलेंडरों में से गैस का बड़ा रिसाव हुआ, जिससे पूरे ईस्टवुड गांव में गंध फैल गई। घनी आबादी और सिलेंडरों की अधिक संख्या के कारण हालात बेहद खतरनाक हो गए थे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कसौली के हेरिटेज मार्केट की एक पूर्व घटना का भी जिक्र किया, जहां केवल आठ सिलेंडरों के रिसाव से गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी, जिससे इस मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सूचना मिलते ही फगवाड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को अपने नियंत्रण में लिया। उन्होंने तुरंत गैस सप्लाई बंद कर दी और वहां की सभी गतिविधियां रोक दीं, ताकि किसी भी तरह की चिंगारी या विस्फोट से बचा जा सके। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़े हादसे को टालने का श्रेय दिया जा रहा है, जिससे न केवल ईस्टवुड गांव बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी बचाया जा सका।
पुलिस ने संबंधित प्रतिष्ठान को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही कोई गतिविधि दोबारा शुरू की जाए। इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में खतरनाक पदार्थों के लापरवाहीपूर्ण और अवैध भंडारण से जुड़े गंभीर खतरों को उजागर कर दिया है। दोषियों के खिलाफ सिविल और पुलिस प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई का अभी इंतजार किया जा रहा है।
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