रायपुर , अक्टूबर 02 -- छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदों की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है, विभाग से आज मिली जानकारी के अनुसार । राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा, राजपत्रित) भर्ती नियम-2019 में संशोधन करते हुए प्रोफेसर के 75 प्रतिशत पद पदोन्नति और 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान किया है। इससे पहले प्रोफेसर के 100 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने का नियम था।
संशोधित व्यवस्था से शासकीय महाविद्यालयों में पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे। दूसरी ओर, सीधी भर्ती के जरिए सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध पदों की संख्या पहले की तुलना में सीमित हो जाएगी।
प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 343 शासकीय कॉलेज संचालित हैं और इनमें प्रोफेसर के कुल 781 पद स्वीकृत हैं। नए नियम के तहत इन पदों में 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और 75 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे। सीधी भर्ती छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा अथवा इंटरव्यू के जरिए होगी, जबकि पदोन्नति विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) के माध्यम से की जाएगी।
प्रोफेसर का पद प्रथम श्रेणी का है। इस पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 31 वर्ष और अधिकतम आयु 56 वर्ष निर्धारित की गई है। विभिन्न आयु छूट का लाभ मिलने के बावजूद सीधी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 61 वर्ष से अधिक नहीं होगी।
राज्य गठन के बाद शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसर पदों पर पहली बार वर्ष 2021 में 595 पदों के लिए सीधी भर्ती निकाली गई थी। यह भर्ती प्रक्रिया पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। सीजीपीएससी ने पिछले साल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया था, लेकिन अभी तक पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी नहीं हुई है। इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया भी पूरी की जानी है।
वर्ष 2021 की भर्ती में प्रोफेसर के सभी पद सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान था। अब भर्ती नियमों में बदलाव के बाद सीधी भर्ती का हिस्सा 25 प्रतिशत रह गया है। ऐसे में प्रोफेसर पदों पर नई सीधी भर्ती की रिक्तियां आने वाले कुछ वर्षों तक सीमित रहने की संभावना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित