चंडीगढ़ , मार्च 19 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में मारे गये प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चीनी का पोस्टमॉर्टम करवाने से परिवार ने इनकार कर दिया है। परिवार का कहना है कि आरोपी जब तक गिरफ्तार नहीं होते, तब तक वे पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। शव को पीजीआई के शवगृह में रखा गया है।
चमनप्रीत के चाचा के पुत्र मेजर ने बताया कि उन्हें दो महिलाओं पर शक है, जो उनके गांव की नहीं हैं। मेजर के अनुसार, उन्होंने एक महिला से बात की, जिसने दूसरी महिला का नाम बताया। महिला ने यह भी दावा किया कि फायरिंग के समय आरोपियों की एक गाड़ी भी मौके पर मौजूद थी, जिसमें करीब आठ लोग सवार थे। इन महिलाओं के नाम पुलिस को दिये जाएंगे।
मेजर ने बताया कि आरोपियों को चमनप्रीत के जिम आने-जाने की पूरी जानकारी थी। इससे अंदेशा है कि जिम के आसपास का ही कोई व्यक्ति उसकी रेकी कर रहा था। इसमें इन महिलाओं की भूमिका भी हो सकती है।
उधर, पंजाब यूनिवर्सिटी के अंदर फायरिंग और उसके अगले दिन सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को राजभवन में बुलाया है।
चमनप्रीत के दोस्त बलकार सिंह ने मामले में कई खुलासे किये हैं। उन्होंने बताया कि चमनप्रीत नागरा और उन्हें काफी समय से धमकी भरे कॉल आ रहे थे। चमनप्रीत हमेशा उनकी मदद करता था और उन्हें अपने साथ अधिकारियों के पास लेकर भी जाता था, जब उसे धमकी भरी कॉल आई थी उसे मामले को लेकर बलकार सिंह के अनुसार, इन धमकियों के कारण चमनप्रीत सेक्टर-9 में जिम करने जाता था। वह कहता था कि यह सुरक्षित जगह है, जहां वीआईपी लोग आते हैं और वहां उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता, लेकिन वहीं पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने उन्हें और चमनप्रीत को आर्म्स लाइसेंस जारी नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि चमनप्रीत की हत्या की साजिश पिछले दो-तीन दिनों से रची जा रही थी।
गौरतलब है कि बुधवार को जिम से निकलने के बाद चमनप्रीत की 12 गोलियां मारकर हत्या कर दी गयी। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ली है। चमनप्रीत मोहाली के मुल्लांपुर स्थित कुब्बाहेड़ी गांव का निवासी था।
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