रुद्रप्रयाग , फरवरी 27 -- उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह की अध्यक्षता में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पैनल अधिवक्ताओं और लीगल एड डिफेंस काउंसल के साथ एक महत्वपूर्ण प्री-लोक अदालत बैठक का शुक्रवार को आयोजन किया गया।

बैठक में लोक अदालत के महत्व और अधिक से अधिक मामलों के त्वरित निस्तारण पर चर्चा की गई।

सुश्री पायल सिंह ने उपस्थित सभी पैनल अधिवक्ताओं एवं लीगल एड डिफेंस काउंसल को लोक अदालत की उपयोगिता एवं महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत न्याय प्राप्ति का एक सशक्त एवं सुलभ माध्यम है, जहाँ वादों का त्वरित, कम खर्चीला एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण संभव है।

बैठक के दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित सिविल, आपराधिक, पारिवारिक, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, विद्युत एवं अन्य समझौता योग्य प्रकरणों की समीक्षा की गई। सचिव महोदया द्वारा निर्देशित किया गया कि ऐसे प्रकरणों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों से पूर्व समन्वय स्थापित किया जाए तथा उन्हें लोक अदालत के माध्यम से वाद निस्तारण हेतु प्रेरित किया जाए।

उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर अधिक से अधिक मामलों को प्री-लिटिगेशन एवं लंबित वादों की श्रेणी में चिन्हित करें, जिससे लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो सके। साथ ही, लीगल एड डिफेंस काउंसल को निर्देशित किया गया कि वे निरुद्ध बंदियों से समन्वय स्थापित कर उनके मामलों में समझौता योग्य संभावनाओं का परीक्षण करें।

सचिव ने यह भी कहा कि लोक अदालत न केवल न्यायालयों के लंबित वादों के भार को कम करती है, बल्कि पक्षकारों के मध्य आपसी सौहार्द एवं विश्वास को भी सुदृढ़ करती है। अतः सभी अधिवक्तागण पूर्ण निष्ठा, सक्रियता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

बैठक के अंत में सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने लोक अदालत को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

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