टिहरी , अक्टूबर, 20 -- उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रतीक 50वें सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का नौ दिवसीय आयोजन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच देर रात संपन्न हो गया। समापन समारोह में जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरत्वाण के पारंपरिक जागरों ने दर्शकों को भाव-विभोर किया, वहीं स्थानीय बच्चों की डांस, गायन और वादन प्रस्तुतियों ने अपनी प्रतिभा से खूब वाहवाही बटोरी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने करीब 4.76 करोड़ रुपये की लागत वाले पांच विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास की सौगात भी दी।
मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल ने नौ दिवसीय महोत्सव के विधिवत समापन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन केवल धन के बल पर सफल नहीं होता, बल्कि आपसी तालमेल, समर्पण और सामूहिक सहभागिता से ही उसे भव्यता मिलती है। समाज के प्रत्येक वर्ग का निःस्वार्थ सहयोग किसी भी आयोजन को ऐतिहासिक बनाता है। उन्होंने मेले के सफल संचालन में योगदान देने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मेला समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय जनता का आभार व्यक्त किया।
मेले को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार और समिति के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न संचालन समितियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नौ दिवसीय आयोजन को सफल बनाया गया। मेले के दौरान कबड्डी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और विजेता टीमों को पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
मेले की सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण की प्रस्तुतियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप और मां नंदा के पौराणिक जागरों की गूंज से रामलीला मैदान का वातावरण भक्तिमय हो उठा। उनके लोकगीतों और जागरों ने उपस्थित हजारों दर्शकों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
इसके बाद आयोजित विशेष 'लोकल नाइट' में स्थानीय स्कूली बच्चों और उभरते बाल कलाकारों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों पर समूह नृत्य प्रस्तुत किए, सुरीले लोकगीत गाए और वाद्य यंत्रों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। मुख्य अतिथि और मेला समिति की ओर से प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
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