कलबुर्गी , जुलाई 06 -- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने सोमवार को ऐलान किया कि उनके मंत्री रहते हुए राज्य सरकार की बगैर मंजूरी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कोई रोड शो या जुलूस प्रतिबंधित रहेगा।
श्री खरगे ने संवाददाताओं से बात करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन से जुड़े दस्तावेज मांगने की बात कही और सार्वजनिक जुलूस निकालने के संदर्भ में संगठन की कानूनी स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "जब तक मैं मंत्री हूं, बिना मंजूरी के आरएसएस के जुलूस नहीं निकाले जा सकते। मैंने पहले ही मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन के दस्तावेज मांगे हैं। जब तक वे दस्तावेज नहीं दिखाए जाते, हम ऐसे आयोजनों की मंजूरी नहीं दे सकते।"श्री खरगे ने आरोप लगाया कि संघ पर सवाल उठाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस समर्थकों ने उन पर व्यक्तिगत हमले शुरू कर दिए हैं। उन्होंने उनके परिवार और निजी जीवन को निशाना बनाकर असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "वे पूछते हैं कि मैंने किससे शादी की, मेरे बच्चे कौन हैं, यहां तक कि मेरे रंग-रूप पर भी टिप्पणी करते हैं। मैं डरने वाला नहीं हूं। मेरा काम ही मेरा जवाब होगा।"श्री खरगे के इन बयानों से माना जा रहा है कि कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा-आरएसएस गठबंधन के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई और तेज होगी क्योंकि आरएसएस के जुलूसों के लिए मंजूरी को जरूरी बनाने पर राज्य के गृहमंत्री का जोर अब टकराव का नया मुद्दा बन गया है।
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