इटावा , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश में इटावा जिले की सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर आनंद राजपूत की हत्या का खुलासा करते हुए उसकी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने सुनियोजित तरीके से आनंद की हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तोड़ा गांव निवासी प्रॉपर्टी डीलर आनंद राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी आशिकी देवी और पड़ोसी शिवम राजपूत को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
एसएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आशिकी देवी और शिवम राजपूत के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे, जिसका आनंद राजपूत विरोध करता था। इसी को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। मार्च माह में आनंद की शिकायत के बाद आशिकी देवी ने शिवम के विरुद्ध दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद वह जेल गया। एक जून 2026 को जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों पुनः संपर्क में आए और आनंद को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने के लिए शिवम ने चार दिन पहले एक कीपैड मोबाइल फोन और अलग सिम कार्ड खरीदा, जिससे दोनों आपस में संपर्क करते रहे। घटना वाले दिन आशिकी देवी ने कथित रूप से आनंद के पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिला दीं। उसके अचेत होने पर उसने शिवम को घर बुलाया और दोनों ने मिलकर गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वारदात से पहले आशिकी देवी ने अपने तीनों बच्चों को दादा-दादी के पास दूसरे घर भेज दिया था। हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से वह घर की छत पर बने कमरे में चली गई, जबकि शिवम बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गया।
आनंद के पिता सुघर सिंह की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को लॉयन सफारी मार्ग स्थित केदारेश्वर मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त गमछा, वारदात की योजना बनाने में इस्तेमाल किया गया कीपैड मोबाइल फोन, मृतक की सोने की अंगूठी, एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा शिवम की मोटरसाइकिल बरामद की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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