नयी दिल्ली/बेंगलुरु , फरवरी 27 -- आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मंत्रालय पारंपरिक चिकित्सा में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर रहा है।
श्री जाधव ने शुक्रवार को बेंगलुरु स्थित सीएआरआई में स्थापित आयुर्वेदिक विज्ञान इंक्यूबेशन सेंटर (एएसआईसी) में कहा कि प्राचीन ज्ञान को समकालीन स्वास्थ्य समाधानों में बदलने के लिए युवा अन्वेषकों को सशक्त बनाया जायेगा जो भारत को एकीकृत स्वास्थ्य सेवा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।
आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री राजेश कोटेचा ने कहा कि एएसआईसी आयुष क्षेत्र में मजबूत स्टार्टअप पारितंत्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वैश्विक मानकों के अनुरूप शोध-आधारित आयुर्वेद उत्पादों और सेवाओं के विकास को गति मिलेगी।
सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रो. रबीनारायण आचार्य ने बताया कि मधुमेह में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त सीएआरआई में एनएबीएच और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा यह आईएसओ 9001:2015 प्रमाणित संस्थान है। सीएआरआई की प्रमुख डॉ. सुलोचना भट ने कहा कि संस्थान वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी आयुर्वेदिक समाधान विकसित करने के लिए स्टार्टअप्स को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
आयुष मंत्रालय के तहत कार्यरत केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) ने बेंगलुरु स्थित केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में स्थापित आयुर्वेदिक विज्ञान इनक्यूबेशन सेंटर (एएसआईसी) के अंतर्गत स्टार्टअप्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित किया है।
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