न्यूयॉर्क , जुलाई 23 -- संयुक्त राष्ट्रसंघ महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन से पूरी दुनिया में संघर्षों के बढ़ने की चेतावनी देते हुए यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है खनिज संपदा का लाभ स्थानीय समुदायों को मिले।

श्री गुटेरेस ने प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस को संबोधित करते हुए कहा कि लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और दुर्लभ तत्वों जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती वैश्विक मांग ने आर्थिक अवसर तो पैदा किए लेकिन साथ ही दुनियाभर में प्रतिस्पर्धा और संघर्ष के जोखिम भी बढ़ा दिए हैं। श्री गुटेरेस ने कहा, "वैश्विक बाजारों से बढ़ती मांग उत्पादक देशों में विकास को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रही है।"उन्होंने कहा कि संसाधनों को गैर-कानूनी तरीके से निकालने से होने वाली कमाई सशस्त्र समूहों को मजबूत करने, स्थानीय हिंसा को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से जोड़ने और राजनीतिक समझौते के लिए प्रोत्साहन कम करने में मदद कर रही है।

उन्होंने कहा, "हम इसे पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में देखते हैं, जहां सशस्त्र समूहों ने अवैध खनन और खनिज तस्करी का लाभ उठाया है और नागरिकों को चल रहे संघर्ष की कीमत चुकानी पड़ी है।" श्री गुटेरेस ने सूडान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सोने और गम अरेबिक सहित संसाधनों के दोहन ने हिंसा और विस्थापन में योगदान दिया है।

उन्होंने कहा, "हर जगह, सबसे बड़ा बोझ सबसे कम शक्तिशाली लोगों पर पड़ता है। महिलाएं और बच्चे और वे समुदाय जो उस भूमि से विस्थापित हो जाते हैं जिसमें संपदा होती है।"संयुक्त राष्ट्रसंघ महासचिव प्राकृतिक संसाधनों को संघर्ष का स्रोत बनने से रोकने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान किया और चार प्रमुख प्राथमिकताओं न्याय, रोकथाम, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और जलवायु कार्रवाई पर प्रकाश डाला। श्री गुटेरेस ने खनिज प्रबंधन पर कहा कि उत्पादक देशों और समुदायों को अपने स्वयं के संसाधनों से अधिक लाभ मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा, "अब उस पुराने पैटर्न को तोड़ने का समय आ गया है जहां संसाधनों को गैर-कानूनी तरीके से निकाला जाता है और मूल्य कहीं और हासिल किया जाता है तथा गरीब समुदायों को पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक नुकसान से निपटने के लिए पीछे छोड़ दिया जाता है।" उन्होंने जिम्मेदार निवेश, निष्पक्ष मूल्य श्रृंखला, स्थानीय प्रसंस्करण और पारदर्शिता के मजबूत उपायों का आह्वान किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संसाधन-समृद्ध देश अधिक आर्थिक मूल्य बनाए रख सकें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित