रांची , सितंबर 22 -- झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्राकृतिक पर्व करमा पूजा के अवसर पर झारखंड वासियों को शुभकामनाएं दी है।

राज्यपाल श्री गंगवार ने लिखा कि प्रकृति पर्व 'करमा पूजा' के पावन अवसर पर समस्त झारखण्डवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।

करमा पूजा प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक एकजुटता का पर्व है। यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली लेकर आए, यही मंगलकामना है।

वही मुख्यमंत्री सोरेन ने लिखा कि प्रकृति महापर्व करम पर्व की सभी को अनेक-अनेक शुभकामनाएं और जोहार। प्रकृति और मानव जीवन के गहरे जुड़ाव, भाई-बहन के अटूट प्रेम, सामाजिक एकजुटता तथा हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक करम पर्व झारखंड की पहचान और हमारी जीवन-पद्धति से गहराई से जुड़ा हुआ है।

करम पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उसके संरक्षण की प्रेरणा देता है। हमारे पूर्वजों ने हमें सिखाया है कि जल, जंगल और जमीन केवल हमारे जीवन के आधार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर भी है।

यह पर्व भाई-बहन के पवित्र स्नेह और आपसी विश्वास का भी पर्व है। अखड़ा में करम डाली की स्थापना, मांदर की थाप, करम गीत और सामूहिक नृत्य हमारी जीवंत लोक-संस्कृति की सुंदर अभिव्यक्ति हैं।

प्रकृति महापर्व करम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। आधुनिकता और विकास की राह पर आगे बढ़ते हुए भी हमें अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा, लोकज्ञान और प्रकृति के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने का उत्साह देता है। हमारे पुरखों की यही समृद्ध विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और सशक्त रूप में पहुंचे, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मैं कामना करता हूं कि इस पावन अवसर पर हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। भाई-बहन का प्रेम और मजबूत हो, समाज में आपसी सद्भाव और एकजुटता बढ़े तथा हमारा झारखंड प्रकृति और संस्कृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए निरंतर आगे बढ़ता रहे।

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