पटना , अक्टूबर 05 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक हुयी। बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने प्रस्तुतीकरण के के माध्यम से विभाग के कार्यों की अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने राज्य में ईको टूरिज्म के विकास की संभावनाओं, जलाशयों एवं डैम के आसपास पर्यटकीय सुविधाओं के विकास, पौधारोपण तथा पर्वतीय एवं वन क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।बैठक में बांका के ओढ़नी डैम, मुंगेर के खड़गपुर डैम, नवादा के ताराकोल डैम तथा मुंगेर के जालकुंड डैम के आसपास इको टूरिज्म एवं पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही खड़गपुर डैम के पास इको टूरिज्म के लिए आवश्यक अवसंरचना विकसित करने तथा पर्यटकों के आकर्षण के लिए 'ग्लास रूम' के निर्माण की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जिन स्थानों पर ईको टूरिज्म के विकास के लिए पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार भूमि का क्रय/अधिग्रहण कर पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर इको टूरिज्म की योजनाएं विकसित की जाय।उन्होंने ताराकोल डैम एवं जालकुंड डैम के आसपास इको-टूरिज्म के विकास के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्रवाई करने तथा कसरैया धार (खगड़िया) को ईको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया।

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