कानपुर , जून 18 -- देश के प्रख्यात प्रगतिशील किसान एवं पद्मश्री सम्मानित भारत भूषण त्यागी ने कहा कि प्राकृतिक खेती की मुहिम एक ऐतिहासिक शुरुआत है, जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि देश का किसान इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ सरकार का सहयोग करेगा।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए त्यागी ने सरकार की पहल की सराहना की और खेती को अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की कृषि उत्पादन संबंधी नीतियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए मजबूत कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों और शोध संस्थानों द्वारा विकसित तकनीकों तथा अनुसंधानों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे, इसके लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ बेहतर तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।
त्यागी ने कहा कि प्रयोगशालाओं में होने वाले शोध तभी सार्थक होंगे, जब उनका लाभ खेतों तक पहुंचे और किसान उन्हें आसानी से अपनाकर अपनी आय तथा उत्पादन में वृद्धि कर सकें। उन्होंने दूसरा महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में मजबूत कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) विकसित किए जाने चाहिए। उनके अनुसार, किसानों को संगठित किए बिना सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं पहुंचाया जा सकता। मजबूत किसान संगठन किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और बाजार तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में सहायक होंगे।
तीसरे सुझाव के रूप में उन्होंने प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा ग्रामीण युवाओं को 'कृषि प्रबोधक' के रूप में प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवा स्वयं प्राकृतिक खेती की तकनीकों को समझेंगे और अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक कर खेती की इस नई व्यवस्था को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार, वैज्ञानिकों और किसानों के सामूहिक प्रयास से प्राकृतिक खेती को व्यापक सफलता मिलेगी तथा इससे कृषि की गुणवत्ता, किसानों की आय और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।
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