जयपुर , अगस्त 07 -- राजस्थान में कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने के साथ सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा प्राकृतिक उत्पादों के उत्पादन के साथ उनके बेहतर विपणन पर ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा है कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत को नियंत्रित करने, मिट्टी की सेहत बनाये रखने और किसानों की आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। श्री गोयल ने श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय जोबनेर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, कृषि शिक्षा में सुधार, अनुसंधान सहयोग एवं कृषि विश्वविद्यालयों के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आयोजित एकदिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह बात कही। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प भी दिलाया।

उन्होंने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, नीतियों एवं अनुदान कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए प्राकृतिक उत्पादों के वैज्ञानिक परीक्षण, प्रमाणन एवं प्रभावी विपणन की मजबूत व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होने से किसानों को उचित मूल्य एवं आय के नये अवसर मिल सकते हैं।

कुलगुरु डॉ पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने विद्यार्थियों के लिए प्राकृतिक उत्पादों के विपणन, ब्रांडिंग एवं विज्ञापन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए किसानों और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसानों के हितों एवं कृषि विकास के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

इस अवसर पर महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित मुद्रित साहित्य का विमोचन भी किया।

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