चंडीगढ़ , मई 13 -- हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत प्राकृतिक या जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को अगले पांच वर्षों तक प्रति एकड़ प्रति वर्ष 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

इसका लाभ लेने वाले किसानों को अपनी उपज का एपीडा से प्रमाणन करवाना अनिवार्य होगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने घोषणा की कि सरकार ने कृषि विभाग की करीब 800 एकड़ भूमि पर भी 10 वर्षों तक प्राकृतिक और जैविक खेती कराने का निर्णय लिया है। यह भूमि उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी, जो लंबे समय तक जैविक खेती के लिए प्रतिबद्ध होंगे।

राज्य सरकार किसानों की सुविधा के लिए 'हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी' को जैविक खेती के प्रमाणन के लिए अधिकृत संस्था बनाएगी। इससे किसानों को प्रमाणन के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

पंचकूला, करनाल, रोहतक, हिसार, गुरुग्राम समेत कई जिलों की मंडियों में जैविक उत्पाद बेचने के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उपज की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जाएंगी। सरकार का कहना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और हरियाणा के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलेगी।

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