कुरुक्षेत्र , जून 7 -- हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक कृषि मिशन को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित प्रयास आवश्यक हैं। यदि इस दिशा में समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भूमि की उर्वरता लगातार घटेगी और जमीन बंजर होने की स्थिति में पहुंच सकती है।
कुरुक्षेत्र में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कृषि कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती आज देश की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हुई है तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।
राज्यपाल ने कहा कि केवल रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से उत्पादन बढ़ाना स्थायी समाधान नहीं है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना जरूरी है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने और प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
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